परिचय: बेलघाट के जनप्रिय समाजसेवी और कवि हृदय: अरुण कुमार दूबे (मनिकापार)

“अरुण कुमार दूबे” – नम्र, मिलनसार और सभी के प्रिय अरुण जी अपनी सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों के कारण हमेशा चर्चा में रहते हैं। उनके कार्य सिर्फ पहचान नहीं, बल्कि प्रेरणा भी हैं। हम Belghat.com के परिचय सेक्शन में उनके बारे में कुछ प्रेरणादायक जानकारियाँ साझा कर रहे हैं, जो आप सभी को ज़रूर पढ़नी चाहिए।

गांव से लुप्त होते जा रहे हैं पुराने वृक्ष। वृक्षों का धरोहर माना जाता था गांव

गांव के बगीचे में प्रकृति की संरक्षण के साथ-साथ शुद्ध वातावरण भी मिलता था लोगों को। प्राकृतिक के द्वारा निर्धारित समय चक्र को भी ज्ञात करता था यह बगीचा, कोयल की बोली सावन महीने का झूला कजरी गीत, गांव के बागीचे में मनमोहित कर लेती थी बगीयो की ये हरियाली।