“अरुण कुमार दूबे” – नम्र, मिलनसार और सभी के प्रिय अरुण जी अपनी सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों के कारण हमेशा चर्चा में रहते हैं। उनके कार्य सिर्फ पहचान नहीं, बल्कि प्रेरणा भी हैं। हम Belghat.com के परिचय सेक्शन में उनके बारे में कुछ प्रेरणादायक जानकारियाँ साझा कर रहे हैं, जो आप सभी को ज़रूर पढ़नी चाहिए।
गोरक्ष नगरी गोरखपुर के दक्षिणांचल में स्थित बेलघाट द्वाबा क्षेत्र के ग्राम पंचायत मनिकापार के ग्राम जमीन विशुनपुरा के समाजसेवी, धुरियापार विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी और विकासखंड बेलघाट के पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रत्याशी श्री अरुण कुमार दूबे अपनी सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान रखते हैं।
वे भारतीय इंटरमीडिएट कॉलेज, पिपरसंडी के सेवानिवृत्त प्रवक्ता पं० श्री राम लगन दूबे एवं माता श्रीमती इंद्रावती दूबे के सुपुत्र हैं। समाज से जुड़ी हुई समस्याओं, आवश्यकताओं और सामाजिक आयोजनों में वे सदैव अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराते हैं। उनके विनम्र एवं हसमुख स्वभाव की वजह से वे सभी को प्रिय हैं।
श्री अरुण कुमार दूबे की प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय, पिपरसंडी में हुई। उन्होंने:
✅ हाई स्कूल – भारतीय इंटरमीडिएट कॉलेज, पिपरसंडी
✅ इंटरमीडिएट – श्री राम रेखा सिंह इंटर कॉलेज, उरुवा बाजार
✅ स्नातक – बी.कॉम (गोरखपुर विश्वविद्यालय)
✅ परास्नातक – एम.कॉम (गोरखपुर विश्वविद्यालय)
✅ शिक्षा में डिग्री – B.Ed (पं० हरि सहाय पीजी कॉलेज, जैती बेलघाट, 2012 – प्रथम श्रेणी)
अरुण कुमार दूबे साहित्य के क्षेत्र में “अंकुर” के नाम से अपनी कविताएँ लिखते हैं। वे जनपद स्तर पर कवि सम्मेलनों और काव्य गोष्ठियों में सक्रिय रूप से भाग लेते रहते हैं। उनकी प्रमुख काव्य कृतियाँ –
📖 “जीवन के गीत”
📖 “सुगंध माटी की”
📖 “श्री बैजूनाथ दर्शन” (अप्रकाशित)
वे सोशल मीडिया पर भी कटु सत्य और प्रेरक मुक्तकों के लिए जाने जाते हैं।
भोजपुरी में अपनी माटी के लिए उनकी भावनाएँ:
माई दादा क सपना ई माटी हवे।
पसीना से लिखल ई पाती हवे।
ह धरोहर सहेजी के राखी सभे,
इहे दिया हवे इहे बाती हवे।।
समाज को प्रेरित करने वाला उनका मुक्तक:
दे सको तो बेघर को घर दीजिए।
खौफ नफरत जलन का ना डर दीजिए।
भाईचारा सभी में मोहब्बत का हो,
ऐसा तालीम भरा एक शजर दीजिए।।
अपराध पर उनकी विचारधारा:
अपराधों की परिभाषा को जात-पात में मत बांटो।
भाईचारा प्रेम मोहब्बत को नफरत से मत कर साटो।
कहीं किसी में कमी अगर हो अगर रास्ता भटक गया,
उनकी समझ को समझाओ तुम मानवता को मत काटो।।
मां की ममता को समर्पित पंक्तियाँ:
बहुत जतन से घर के सारे काज रखती है।
दुआ उसकी बुलंदी की सर पर तक रखती है।
हिफाजत करती है जिसकी नजर बावरी बनकर,
वो मा ही है बच्चों पर अपने नाज रखती है।।
कर्म और भाग्य पर उनकी विचारधारा:
कर्म किए बिन जो मिलता है वह तो भाग्य हमारा है।
कर्तव्यों के प्रतिफल पर ही सच अधिकार हमारा है।।
श्री अरुण कुमार दूबे भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में संघर्ष करते हुए चेयरमैन क्लब मेंबर के साथ ही मुख्य बीमा सलाहकार बने। वे क्षेत्र की जरूरतमंद बेरोजगार प्रतिभाओं को अभिकर्ता के रूप में जोड़ने का कार्य कर रहे हैं और लोगों को बचत और सुरक्षा हेतु प्रेरित कर रहे हैं।
गोरखपुर जनपद के बेलघाट क्षेत्र को उन्होंने अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि दोनों के रूप में स्वीकार किया है। वे क्षेत्र में –
✅ शिक्षा और जागरूकता अभियानों में योगदान देते हैं।
✅ ODF (खुले में शौच मुक्त) योजना में पंचायत को पहला स्थान दिलाया।
✅ ग्राम पंचायत में विद्युतीकरण और सड़क निर्माण के कार्य किए।
✅ वृद्धा पेंशन, निराश्रित पेंशन, दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि आदि की व्यवस्था करवाई।
✅ ग्राम पंचायत मनिकापार को प्रदेश में एक आदर्श पंचायत के रूप में स्थापित किया।
वर्ष 2015 में ग्राम प्रधान चुने जाने के बाद उन्होंने:
🔹 17 ट्रांसफार्मर लगवाकर पूरा गांव रोशन किया।
🔹 15 किलोमीटर कच्चे चकरोड (सड़क) बनवाए।
🔹 गांव में पानी, सड़क, सोलर लाइट और पशु आश्रय स्थल का निर्माण करवाया।
🔹 ग्राम सभा में ही जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए।
🔹 प्रधान संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में भी सेवाएं दीं।
“भारतीय एकता जागरण समाज” – समाज सेवा का एक मंच
अरुण कुमार दूबे ने समाज सेवा को एक संगठित मंच देने के लिए “भारतीय एकता जागरण समाज” की स्थापना की। इसके तहत –
📍 प्रतिभा सम्मान समारोह
📍 चिकित्सा शिविर एवं कंबल वितरण
📍 जनसमस्याओं का समाधान
📍 सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार
उनकी टीम के प्रमुख सदस्य:
गुलाब सिंह, अनूप सिंह, सत्य प्रकाश दूबे, मेराज अहमद, डॉक्टर रोहित कुमार, विजय कुमार चौधरी, बरुण कुमार दूबे, अचिंत यादव, चंद्रभूषण दूबे, आलोक दूबे, प्रमोद मिश्रा, अनिल तिवारी, रहमान सर, अमरनाथ,रामवृक्ष प्रजापति, विनय मौर्य, विनय यादव, बीके प्रजापति, मनोज मौर्य, उमेश यादव, अवधेश प्रजापति, वेद प्रकाश मौर्य, पुष्पेंद्र मौर्य, वैभव दूबे, विष्णु त्रिपाठी, दयाराम यादव, कमलेश कश्यप, शिव कुमार गौड़, राम मिलन मौर्य, रामप्रीत, सपना सिंह, मधु दूबे एवं प्रदीप मिस्त्री (मुंबई) आदि।
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Belghat.com पर मेरा परिचय प्रकाशित करने के लिए आपका धन्यवाद आभार अभिनंदन। हमें पूर्ण विश्वास है कि आपका यह परिचय अभियान अपने बेलघाट क्षेत्र के अनेक प्रतिभावान संभ्रांत एवं जनप्रतिनिधियों का परिचय के साथ सामाजिक योगदान का आईना प्रस्तुत करेगा। Belghat.com के कामयाबी हेतु शुभकामनाएं।
आपके प्रोत्साहन संदेश के लिए धन्यवाद, अरुण सर। हम अपनी वेबसाइट से बेलघाट के लोगों के लिए प्रेरणादायक और प्रेरक कहानियों को प्रकाशित करना जारी रखेंगे 🙏”
अरुण कुमार दूबे जी केवल एक नाम नहीं, बल्कि समाज सेवा, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में एक आदर्श व्यक्तित्व हैं। उनकी सरलता, विनम्रता और ज्ञान हर किसी को प्रभावित करता है। उनकी सोच न सिर्फ वर्तमान पीढ़ी को, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी सही दिशा देने का कार्य करती है।
मुझे व्यक्तिगत रूप से उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। उनका मार्गदर्शन मेरी सोच को और भी स्पष्ट और मजबूत बनाता है। वे केवल एक मार्गदर्शक ही नहीं, बल्कि निरंतर प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके शब्द, उनके कार्य और समाज के प्रति उनकी अटूट समर्पण भावना मुझे हर दिन बेहतर करने के लिए प्रेरित करती है।
मैं अपनी ओर से उनके प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ और आशा करता हूँ कि मैं भी उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज और लोगों के लिए कुछ सार्थक योगदान दे सकूँ।
धन्यवाद, अरुण कुमार दूबे जी!
धन्यवाद रोहित जी आपके स्नेही शब्दों के लिए! मैं अरुण सर के कार्यों और जानकारी को आगे भी साझा करता रहूँगा!