विश्व गौरैया दिवस: गौरैया संरक्षण की मिसाल बने सुजीत मोदनवाल

गौरैया संरक्षण की मिसाल: सुजीत मोदनवाल का समर्पण

कल यानी 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस मनाया गया, जिसका उद्देश्य तेजी से लुप्त हो रही गौरैया के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसी अवसर पर मैं आज एक विशेष लेख प्रस्तुत कर रहा हूं, जो गोरखपुर जिले के बेलघाट क्षेत्र के “स्पैरो मैन” सुजीत मोदनवाल की प्रेरणादायक कहानी को साझा करता है।

सुजीत मोदनवाल ने अपने निस्वार्थ प्रयासों और गौरैया के प्रति गहरे प्रेम से अपने घर को इन नन्हीं चिड़ियों के लिए एक सुरक्षित आश्रय बना दिया है। उनके इस समर्पण के लिए उनके मित्र गुलाब सिंह जी ने उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनके कार्यों की सराहना की। गुलाब सिंह जी ने लिखा:

बेलघाट क्षेत्र में ‘स्पैरो मैन’ के नाम से प्रसिद्ध प्रिय मित्र एवं सहपाठी सुजीत मोदनवाल जी को उनके अतुलनीय समर्पण, प्रेम और संरक्षण प्रयासों के लिए हृदय से बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं।

सुजीत जी का गौरैया के प्रति जो निस्वार्थ प्रेम और गहरी श्रद्धा है, वह वास्तव में प्रेरणादायक है। उन्होंने न केवल अपने घर में गौरैया के लिए एक सुरक्षित आश्रय बनाया, बल्कि उनके संरक्षण हेतु ऐसी मिसाल पेश की, जिसे देखकर हर कोई भावुक हो जाए। गौरैया के प्रति उनके अद्वितीय समर्पण का उदाहरण यह है कि उन्होंने अपने घर से पंखे तक हटवा दिए ताकि इन नन्हे पंछियों को निर्भय होकर जीने का स्थान मिल सके।

मैं स्वयं दो बार उनके घर जाकर गौरैया देखने का सौभाग्य प्राप्त कर चुका हूँ और यह देखकर अभिभूत हो गया कि उन्होंने कितनी आत्मीयता और मेहनत से अपने घर को गौरैया का आश्रय बना दिया है। यदि उन्हें सरकार से थोड़ा भी सहयोग प्राप्त हो जाए, तो वे गौरैया संरक्षण के लिए और भी बड़े स्तर पर कार्य कर सकते हैं।

सुजीत जी का प्रेम केवल पक्षियों तक सीमित नहीं, बल्कि इंसानों के प्रति भी वही आत्मीयता और अपनापन है। उनके इस महान कार्य को हृदय से नमन और उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं।

गौरैया बचाएं, प्रकृति बचाएं!
जय गौरैया, जय प्रकृति!”

गौरैया के लिए अनूठा प्रयास

सुजीत मोदनवाल का गौरैया के प्रति यह प्रेम और समर्पण एक प्रेरणा है। उन्होंने अपने घर में कई घोंसले बनाए हैं और दाना-पानी की नियमित व्यवस्था भी करते हैं ताकि गौरैया निर्भय होकर वहां रह सकें। उनके प्रयासों का सबसे अनूठा उदाहरण यह है कि उन्होंने गौरैया के लिए अपने घर से पंखे हटवा दिए ताकि इन मासूम चिड़ियों को कोई खतरा न हो।

यहां लिंक दिया गया है, जहां पाठक सात साल पहले लिखा गया लेख पढ़ सकते हैं:
👉 सुजीत मोदनवाल ‘स्पैरो मैन’ का Belghat.com पर लेख
https://www.belghat.com/sujit-Sparrow Man-belghat

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