बेलघाट, गोरखपुर – होली, जो सामाजिक समरसता और पौराणिक विरासत का प्रतीक है, का भव्य आयोजन बेलघाट क्षेत्र के ग्राम शंकरपुर में महालंठ सम्मेलन एवं होली मिलन समारोह के रूप में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ई. गिरिजेश भास्कर ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि नव संवत्सर वर्ष और रवि फसल के स्वागत का पर्व भी है।
कार्यक्रम में लंठाधिपति कर्नल राजेंद्र यादव, थानाध्यक्ष विकास नाथ, गोपाल यादव ने सामाजिक समरसता के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं, लंठाधिराज विनय कुमार शाही, के.डी. यादव, शिवाजी चंद कौशिक, दीप नारायण यादव, बजरंग सिंह ने कहा कि यह एक ऐसा पर्व है, जिसे समाज के सभी वर्ग मिल-जुलकर मनाते हैं।
लोकगीत एवं हास-परिहास का मंच
सहसंयोजक अरुण कुमार दूबे ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य लोक गीत कला को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करना है। यह कार्यक्रम आपसी भाईचारे और समरसता की भावना को बढ़ाने के लिए आयोजित किया जाता है। आयोजक भिखारी प्रजापति ने जानकारी दी कि यह सम्मेलन लोककवि स्व. रामगति मौर्य मुंशी जी की स्मृति में आयोजित किया जाता है और इसमें हास-परिहास की अनूठी झलक देखने को मिलती है।
प्रतियोगिताओं का आयोजन एवं सम्मान समारोह
कार्यक्रम के अंतर्गत होली गीत प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें खीरिया गांव की मंतोष प्रजापति की टीम प्रथम स्थान पर, सुभाष चंद्र शर्मा ढेकुनाध की टीम द्वितीय स्थान पर और लखुआपाकड़ विश्वकर्मा की टीम तृतीय स्थान पर रही। निर्णायक मंडल में आकाशवाणी व दूरदर्शन के प्रसिद्ध कलाकार विंध्याचल आजाद, बृज किशोर तिवारी और जयप्रकाश सिंह शामिल रहे। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त, क्षेत्र के पुराने होली गीत गायकों को भी सम्मानित किया गया। समारोह में रामवृक्ष प्रजापति, शिव सुंदर मौर्य, अरुण सिंह, कोदई यादव, सुधाकर यादव, अरुण कुमार दूबे, वी.के. प्रजापति, प्रेमनाथ दुबे, लक्ष्मण प्रजापति, रामकरन यादव, मनोज प्रजापति, अजय गौतम, संजय प्रजापति, अनिरुद्ध यादव, तारकेश्वर मिश्र, ई. शिवेंद्र सिंह, नारद यादव सहित सैकड़ों क्षेत्रवासी उपस्थित रहे और आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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