सर्वजन आवाज पार्टी द्वारा होली मिलन एवं सामाजिक समरसता सहभोज कार्यक्रम का सफल आयोजन
आज दिनांक 8 मार्च 2025 को सर्वजन आवाज पार्टी के तत्वाधान में होली मिलन एवं सामाजिक समरसता सहभोज कार्यक्रम का भव्य आयोजन चौतरा गांव, शंकरपुर बाजार से एक किलोमीटर पूरब स्थित स्थल पर संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं स्थानीय जनता की उत्साहजनक भागीदारी रही।
कार्यक्रम की झलकियाँ
🎶 संस्कृतिक कार्यक्रम और बिरहा गायन – सुबह 10 बजे से शुरू हुए इस आयोजन में पारंपरिक भोजपुरी बिरहा गायन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। लोक कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से लोगों का खूब मनोरंजन किया।
🗣 विचार-विमर्श एवं संबोधन – सामाजिक समरसता और भाईचारे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने सामाजिक एकता, सौहार्द, और सहयोग की भावना को मजबूत करने पर बल दिया।
🤝 सदस्यता ग्रहण और सहभागिता – कार्यक्रम के दौरान कई लोगों ने सामाजिक कार्यों में योगदान देने की इच्छा जताई और औपचारिक रूप से इससे जुड़ने की घोषणा की।
🍛 सहभोज: एक साथ भोजन, एकता का प्रतीक – कार्यक्रम का सबसे खास हिस्सा सहभोज था, जहां सभी लोग एक साथ बैठकर प्रेम और सद्भाव के साथ भोजन का आनंद लेते दिखे। इसने सामाजिक भेदभाव को मिटाने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का एक शानदार उदाहरण पेश किया।
सफल आयोजन में सामूहिक योगदान
इस आयोजन की सफलता के पीछे विभिन्न लोगों का सहयोग रहा, जिन्होंने आर्थिक मदद, सामग्री एवं संसाधनों का योगदान दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय नागरिकों और आयोजन समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम की सफलता में योगदान:
इस सफल आयोजन के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में निम्नलिखित सहयोग प्राप्त हुआ:
✅ प्रभुनाथ यादव जी – ₹2100
✅ ई. अजय कुमार यादव जी – ₹1000
✅ विनोद जायसवाल जी – ₹2000 एवं 1 बोरी चावल
✅ ब्यास मुनि यादव जी – ₹2000
✅ बबलू भारती जी – ₹1000 एवं पत्तल-गिलास
✅ ई. गिरिजेश भास्कर जी – ₹500
✅ आनंद विक्रम सिंह जी – ₹300
✅ अल्पना यादव जी – ₹200
✅ रामवृक्ष प्रजापति जी – ₹400
✅ शिव सुंदर मौर्य जी – 15 किलो आलू एवं 15 किलो गोभी
होली जैसे त्योहारों के माध्यम से समाज में एकता, प्रेम और समरसता को बढ़ावा दिया जा सकता है। इस तरह के आयोजनों से न केवल लोगों के बीच के आपसी मतभेद कम होते हैं, बल्कि समाज में एकजुटता की भावना भी प्रबल होती है।