पंडित श्री राम लगन दूबे जी सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि समाज सेवा और जनकल्याण का प्रतीक हैं। शिक्षा, संघर्ष और समाजसेवा को अपने जीवन का मूल मंत्र मानकर, उन्होंने अपने पूरे परिवार के साथ समाज के उत्थान के लिए हर संभव प्रयास किया है। उनका संपूर्ण जीवन इस बात का प्रमाण है कि सच्ची सेवा वही है जो निस्वार्थ भाव से की जाए।
शिक्षा और ज्ञान के दीपस्तंभ
शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय है। एम.ए., बी.एड., साहित्य रत्न की उपाधि प्राप्त कर, वे भारतीय इंटर कॉलेज, पिपरसंडी में प्रवक्ता के रूप में छात्रों का मार्गदर्शन कर चुके हैं। उनकी शिक्षा देने की शैली ने अनेकों विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने का कार्य किया है।
राजनीतिक एवं सामाजिक योगदान
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं धुरियापार विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी के रूप में उन्होंने हमेशा जनता की आवाज को बुलंद किया। उनके संघर्ष और सेवाभाव का प्रभाव पूरे क्षेत्र पर पड़ा है।
उन्होंने पूर्व राज्यपाल श्री महावीर प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री श्री वीर बहादुर सिंह, पंडित हरिशंकर तिवारी, राजा रामपाल सिंह जैसे दिग्गज नेताओं के साथ कार्य किया और समाज के लिए कई सकारात्मक पहल कीं।
समाजसेवा में समर्पित परिवार – संघर्ष और सेवा की विरासत
पंडित श्री राम लगन दूबे जी का परिवार समाज सेवा की अनमोल विरासत को आगे बढ़ा रहा है। उनके पिता जी ने अपना संपूर्ण जीवन समाज के लिए समर्पित किया और उनके पुत्र भी उसी परंपरा को निभा रहे हैं।
श्री अरुण कुमार दूबे जी – समाजसेवा में एक ऊर्जावान व्यक्तित्व, LIC के मुख्य बीमा सलाहकार, ग्राम पंचायत मनिकापार के पूर्व प्रधान। वे सिर्फ एक समाजसेवी ही नहीं, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी हैं। चाहे स्कूल-कॉलेजों के कार्यक्रम हों, सामाजिक या सांस्कृतिक आयोजन हों, वे हर जगह अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर युवाओं को प्रोत्साहित करते हैं। उनकी वाणी में जोश और विचारों में गहराई है, जिससे लोगों को सही दिशा मिलती है।
श्री वरुण कुमार दूबे जी – प्रधानाचार्य (चंद्रा देवी मेमोरियल इंटर कॉलेज, मनिकापार), पूर्वांचल प्रभारी (हिंदू महासभा), मंडल अध्यक्ष (वित्तविहीन शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश)। शिक्षा और समाजसेवा में उनका योगदान अतुलनीय है। वे शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं।
हर मुश्किल में खड़ा रहने वाला परिवार
यह परिवार केवल नाम का नहीं, बल्कि कर्म से समाजसेवी है। समाज में कोई भी समस्या हो, कोई भी संघर्ष हो, यह परिवार हमेशा आगे खड़ा मिलता है।
कोई भी कार्यक्रम हो – सम्मान समारोह, स्कूल-कॉलेजों के आयोजन, सामाजिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम, या फिर जनहित के मुद्दे – दूबे परिवार हर जगह अपना योगदान देता है।
छेत्रवासियों के लिए प्रेरणादायक संदेश
इस परिवार ने हमें सिखाया है कि समाज सेवा केवल एक कार्य नहीं, बल्कि एक जीवन शैली होनी चाहिए। क्षेत्रवासियों की कोई भी समस्या हो, यह परिवार उन्हें केवल सुनता ही नहीं, बल्कि समाधान भी निकालता है। उनके दरवाजे हमेशा लोगों के लिए खुले रहते हैं।
“संघर्ष से ही परिवर्तन संभव है, और सेवा से ही सच्ची सफलता मिलती है।”
जो समाज की भलाई के लिए कार्य करता है, वही सच्चे अर्थों में अमर होता है। पंडित श्री राम लगन दूबे जी और उनका परिवार उसी अमरता की ओर अग्रसर है।
आइए, हम सब मिलकर उनके संघर्ष और सेवा से प्रेरणा लें और समाज के उत्थान में अपना योगदान दें।
जय हिंद! जय समाजसेवा!
Source: Rohit Chauhan, Apana Belghat
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